इस हफ्ते ऑस्ट्रेलिया भर के स्कूल और सार्वजनिक पुस्तकालय CBCA बुक वीक मना रहे हैं, जिसमें किताबों और ऑस्ट्रेलियाई बच्चों के लेखकों और चित्रकारों का जश्न मनाया जाता है, ताकि पढ़ने के महत्व और सामान्य रूप से साक्षरता पर ध्यान दिया जा सके।
साक्षरता का मतलब है पढ़ने, देखने, लिखने, बोलने और सुनने की वह क्षमता, जिससे हम प्रभावी ढंग से संवाद कर सकें और दुनिया को समझ सकें। यह हर अन्य सीखने की नींव है और बच्चे के समग्र विकास का एक आवश्यक हिस्सा है।
यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं कि आप घर पर अपने बच्चे की साक्षरता (literacy) के विकास में मदद करने के लिए किताबों का कैसे उपयोग कर सकते हैं।
1. एक आरामदायक पढ़ने का कोना बनाएँ
अपने घर में एक शांत, सुकून भरा और आरामदायक स्थान बनाएँ जहाँ आप और आपका बच्चा साथ में पढ़ सकें। किताबों को बच्चे की ऊँचाई पर रखें और, यदि संभव हो, उन्हें ऐसे सजाएँ कि उनके कवर बाहर की ओर हों, ताकि बच्चा आसानी से अपनी पसंद की किताब चुन सके। जब किताबें हमेशा उनकी पहुँच में होंगी, तो वे पढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।
2. अपने बच्चे को पढ़कर सुनाएँ
अपने बच्चे को पढ़कर सुनाना, उनकी साक्षरता कौशल और मज़बूत शब्दावली विकसित करने का सबसे अच्छा तरीका है। उनकी वर्तमान रुचियों से जुड़ी किताबें चुनें और उन्हें नियमित रूप से पढ़कर सुनाएँ, ताकि उनमें किताबों के प्रति रुचि बढ़े। अगर आपको बचपन में कोई पसंदीदा किताब थी, तो उसे ढूँढें और अपने बच्चे के साथ साझा करें – यह एक मजबूत रिश्ता बनाने और पढ़ने में रुचि पैदा करने का शानदार तरीका है।
3. किताबों के साथ इंटरैक्ट करें
कहानी पढ़ना अच्छा है, लेकिन आप इसे और मजेदार और दिलचस्प बनाने के लिए खेल भी खेल सकते हैं।
उदाहरण के लिए, बच्चे से कहें – “क्या तुम मेंढक को ढूँढ सकते हो?”, “कुत्ता क्या कर रहा है?”, या “मैं कुछ हरा देख रहा हूँ – हाँ! हरी कार।”
इससे नए शब्द सीखने का मौका भी मिलेगा। जैसे – “The wombat demanded oats and carrots” पढ़ने के बाद कहें – “क्या तुम जई और गाजर मांग सकते हो?”
छोटे बच्चे टच-एंड-फील, लिफ्ट-द-फ्लैप, पॉप-अप, और तुकबंदी वाली किताबें पसंद करते हैं, क्योंकि वे पढ़ने को इंटरैक्टिव और मजेदार बनाती हैं।
4. कहानी को संवेदी गतिविधियों और कल्पनात्मक खेलों के साथ बढ़ाएँ
कहानी के पात्रों और वस्तुओं से एक sensory tray बनाकर बच्चे को उनके साथ खेलने के लिए आमंत्रित करें। आप कठपुतलियों, खिलौनों या गुड़ियों से भी कहानी दोहरा सकते हैं।
मोंटेसरी-स्टाइल में, किताब और उससे जुड़े सामान को एक टोकरी में रखें, फिर बच्चे को दिखाएँ कि पन्ना पलटते समय कैसे पात्र ढूँढने हैं और कहानी दोहरानी है।
संवेदी गतिविधियाँ न केवल कहानी में डूबने में मदद करती हैं, बल्कि लेखन के लिए ज़रूरी सूक्ष्म मोटर कौशल (fine motor skills) के विकास में भी मदद करती हैं।
5. किताब से प्रेरित आर्ट और क्राफ्ट
किताब से जुड़े आर्ट और क्राफ्ट बच्चों को कहानी से जोड़ते हैं और उन्हें समझने, याद रखने और आनंद लेने में मदद करते हैं। यह कहानी को जीवंत बना देता है।
6. ड्रेस-अप खेल
बच्चे को उसकी पसंदीदा किताब के किसी पात्र की तरह तैयार होने और दृश्यों को अभिनय करके दिखाने के लिए कहें। इससे उनकी रचनात्मक सोच, संचार कौशल, कल्पना और सहानुभूति (empathy) बढ़ती है।
7. बच्चे को किताब की समीक्षा करने के लिए प्रेरित करें
किताब पढ़ने के बाद बच्चे से कहानी को कुछ वाक्यों में बताने को कहें और फिर पूछें –
– किताब में उन्हें क्या अच्छा या बुरा लगा,
– उनका पसंदीदा और नापसंद हिस्सा कौन सा था,
– उनका पसंदीदा पात्र कौन था और क्यों,
– कहानी ने उन्हें कैसा महसूस कराया।
यह उनकी पठन समझ (reading comprehension), आलोचनात्मक सोच (critical thinking) और विचार साझा करने की क्षमता को बढ़ाएगा।
8. वैकल्पिक अंत सोचने को कहें
बच्चे से कहें कि वह अपनी पसंदीदा कहानी का एक अलग अंत सोचे, या आगे क्या हो सकता है इसकी कल्पना करे। इससे उनकी रचनात्मकता और कहानी कहने की क्षमता विकसित होती है।
9. किताबों को लेखन के लिए प्रेरणा बनाएं
बड़े बच्चों के लिए किताब को लेखन का आधार बनाएँ। कहानी के किसी हिस्से, चित्र या पात्र को लेकर उनसे अपनी नई कहानी लिखने को कहें।
अगर बच्चा अभी लिख नहीं सकता, तो उसे मौखिक रूप से कहानी सुनाने या चित्र बनाने को कहें।
10. उनकी रुचि के अनुसार किताबें चुनें
कहानियों, नॉन-फिक्शन और कविता का मिश्रण रखें। साथ ही, खुद पढ़कर उदाहरण पेश करें और अपने पढ़ने के अनुभव बच्चे से साझा करें। इससे उनका भी पढ़ने का शौक बढ़ेगा।




